वाराणसी देश के बड़े हस्तकला लघु कुटीर उद्योग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की बनारसी साड़ी बनाने वाली उद्योग भी शामिल है। इन पर लाखों साड़ी व्यापारी और उनका परिवार इसी उद्योग पर निर्भर रहता है। लेकिन लॉकडाउन से सुस्त पड़े बनारसी साड़ी कारोबार को खत्म कर दिया है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उद्योग के एसोसिएशन ने साड़ी के सभी कारोबार 20 जुलाई से 6 अगस्त तक बंद करने का निर्णय लिया है। साड़ी व्यापार 25% तक रह गया है। तो दूसरी तरफ कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए बनारसी साड़ी व्यवसाय को 15 दिन की बंदी होना जरूरी बताया जा रहा है। इस पर भी चीन के कोरोना वायरस का ग्रहण लग गया है। जानकारी के मुताबिक 1200 करोड़ से अधिक का बनारसी वस्त्र उद्योग का कारोबार इस समय प्रभावित है। कारोबारियों को विदेशों से भी ऑर्डर मिलना बंद हो गया है।

60% से अधिक ऑर्डर कैंसिल हो गए हैं। वही कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। इसलिए वाराणसी उद्योग संघ ने 20 जुलाई से 6 अगस्त तक पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। रेशम इंडिया के मालिक और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित निर्यातक मकबूल हसन ने बताया कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण यह निर्णय लेना पड़ा है।

साड़ी कारोबार शहनाज हुसैन कहते हैं कि साड़ी कारोबारी के चेहरे मुरझा चुके हैं। एक तरफ कोरोना काल में साड़ी बिक्री ना के बराबर रह गया है। तो फिर से एक बार व्यापार बंद हो चुका है। सबसे ज्यादा निराश बुनकर हैं उनके करघे जो हमेशा चलते थे आज वे थम से गए हैं। करघो में सन्नाटा है उन्हें काम नहीं मिल रहा है। वह सरकार से मदद मांग रहे हैं।